महाशिवरात्रि में रुद्राक्ष पहनने के फायदे



रुद्राक्ष पहनने के फायदे और नुकसान
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महाशिवरात्रि कब है 2022

  • महाशिवरात्रि पहले प्रहर की पूजा: 1 मार्च 2022 को 6:21 pm से 9:27 pm तक
  • महाशिवरात्रि दूसरे प्रहर की पूजा: 1 मार्च को रात्रि 9:27 pm से 12:33 am तक
  • महाशिवरात्रि तीसरे प्रहर की पूजा: 2 मार्च को रात्रि 12:33 am से सुबह 3:39 am तक
  • महाशिवरात्रि चौथे प्रहर की पूजा: 2 मार्च 2022 को 3:39 am से 6:45 am तक
  • व्रत का पारण: 2 मार्च 2022, बुधवार को 6:45 am

Mahashivratri 2022: शिव मंत्र

‘ओम अघोराय नम:।।
ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।।
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय’

रुद्राक्ष की उत्पत्ति

महाशिवरात्रि में रुद्राक्ष पहनने के फायदे – रुद्राक्ष की उत्पत्ति कहा से हुई कैसे हुई इन प्रश्नों को जाने बिना हम रुद्राक्ष का महत्त्व एवं उसकी शक्ति को नहीं जान सकते क्यूंकि ये शब्द ही अपने आप में स्वयं ईश्वर का साक्षात्कार करवाता है। रुद्राक्ष को शिव से जुड़े होने के कारण बहुत ही पवित्र माना जाता है। शिव और रुद्राक्ष एक-दूसरे का पर्याय माना जाता है।

वैसे तो रुद्राक्ष की उतपत्ति का ज्ञान हमे हमारे पुराणों से मिल ही जाता है परन्तु इनमे से जो 2 मुख्य  पुराण है वह है स्कन्द पुराण और शिव पुराण इन पुराणों को पढ़ने से हमे पता चलेगा की रुद्राक्ष का हमारे जीवन में कितना महत्व है। रुद्राक्ष शब्द की उतपत्ति कैसे हुई कहा जाता है की एक बार भगवान् शिव ने संसार के कल्याण के लिए अपने मन को बस में कर सेकड़ो सालो तक तपस्या करी और एक दिन  तप करते-करते उनका मन बहुत दुखी हो गया और जब उन्होंने अपनी आँखे खोली तो उनमे से अश्रु की कुछ बुँदे निकल पड़ी और उन बूंदो ने धरती पर जाकर पेड़ का रूप ले लिया फिर उन पेड़ो में से रुद्राक्ष नामक फल की उत्त्पति हुई भगवान् शिव हमेशा ही अपने भक्तो पर जल्दी प्रशन्न हो जाते है।

यदि जनधारना के लिए भगवान् शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करना हो तो रूद्राक्ष धारण करना एक चमत्कारी और अत्यन्त लाभकारी चरण है । रुद्राक्ष एक जंगली फल है जो अधिकतर हिमालय में होते है इसका फल जामुन की तरह नीला तथा बेर के फल की तरह स्वाद होता है यह अलग अलग आकार  और अलग अलग रंग के होते है जब रुद्राक्ष का फल सुख जाता है तो इसके ऊप्पर का छिलका निकाल दिया जाता है इसके बाद अंदर की गुठली ही रुद्राक्ष का रूप धारण करती है।

रुद्राक्ष से अभिप्राय शिव के अश्रु से गिरने वाले अधीरो से उत्त्पन पेड़ो के फल जिन्हे रुद्राक्ष का नाम दिया गया, हिन्दू समाज में रुद्राक्ष की बहुत महत्वता है और इसके अद्भुद चमत्कार हर किसी को इसकी तरफ आकर्षित करते है।
कहते है इसे धारण करने से तन मन धन के कई विकार दूर किये जाते है।

ये ऐसा चमत्कारी फल है जो भी इसे धारण करता है या इसके संपर्क में आता है वो इसके प्रभाव से अछूता नहीं रह पाता।

रुद्राक्ष के प्रकार

रुद्राक्ष के प्रकार

वैसे तो रुद्राक्ष कई मुखी होते है एक मुखी दो मुखी तीन मुखी पञ्च मुखी पुराणों में तो 24 मुखी रुद्राक्ष के बारे में भी लिखा गया है परन्तु साक्षात् प्राप्ति नहीं हो पाई है कई पुराण तो सफ़ेद रुद्राक्ष की भी जानकारी देते है किन्तु अभी तक किसी को इसकी प्राप्ति नहीं हुई है।

कहा जाता है की रुद्राक्ष कितने ही मुख वाला क्यों न हो अगर आपकी श्रद्धा और पुरी आस्था भगवान् शिव शंभु एवम उनके अश्रु से उत्त्पन रुद्राक्ष पर है तो फिर ये रुद्राक्ष अपना चमत्कार दिखाता ही है।

रुद्राक्ष धारण करने के चमत्कारी फ़ायदे

  • रुद्राक्ष धारण करते ही शरीर में एक तेज़ उत्त्पन्न होता है जो सभी नकारात्मक शक्तियों को धारण करने वाले व्यक्ति से दूर कर देता है।
  • रुद्राक्ष धारण करते ही शरीर में सकारात्मक सोच का विस्तार होना शुरू हो जाता है जिस से न बनने वाले कार्य भी स्वयं बनने लगते है।
  • रुद्राक्ष का तेज़ शरीर में न केवल बाह्य रूप से असर करता है अपितु ये आंतरिक विकारो को भी दूर करता है जैसे बी पी प्रॉब्लम, हार्ट प्रॉब्लम, जोड़ो में दर्द, गठिया का दर्द, बेचैनी, घबराहट, आदि कई रोगों को दूर करने में इसकी सकारात्मक शक्ति अपना पूरा असर दिखाती है।
  • आज व्यक्ति इस भीड़ भाड़ भरी जिन्दगी में यदि कही शांति ढूंढ़ता है तो वो है उसका अपना घर लेकिन अगर घर में भी कलेश एवं मनमुटाव रहे तो वह व्यक्ति जिंदगी से हार जाता है ऐसे में जो महान शक्ति सामने आती है वो है रुद्राक्ष जी हा रुद्राक्ष में ऐसी चमत्कारी शक्ति विद्यमान है जो आपसी मतभेद को भी दूर कर घर में शांति का वास प्रदान करती है।
  • मानसिक तनाव से ग्रसित व्यक्ति के लिए रुद्राक्ष एक राम बाण चमत्कार है इसकी सकारात्मक ऊर्जा जब शरीर के किसी भाग को स्पष्ट करती है तो वो बेचैन मन को शांत कर उस व्यक्ति को सोचने समझने की शक्ति प्रदान करती है।
  • एकाग्रता की कमी, काम में मन न लगना, रिश्तो में कड़वाहट जैसी अनेक सांसारिक परेशानियों को दूर करने में रुद्राक्ष काफी कारगर सिद्ध हुआ है।
  • यही नहीं धन सम्पदा में हानि, कारोबार में रूकावट, रिश्ते में देरी, किसी काम का न बनना, पढ़ाई में मन न लगना आदि जैसे दिक्क्तों को भी दूर करने में रुद्राक्ष बहुत लाभकारी सिद्ध होता है।

रुद्राक्ष पहनने के नियम

  • यदि रुद्राक्ष धारण करना हो तो कुछ नियमो का पालन करना आवयश्क है जैसे यदि किसी रुद्राक्ष में कीड़ा लग जाये तो ऐसे रुद्राक्ष को धारण नहीं करना चाहिए ये सकारात्मक ऊर्जा को रोक देता है।
  • यदि आप तनाव से मुक्ति पाना चाहते है तो आपको 100 दाने की माला का जाप यदि मनोकामना पूर्ति के लिए इच्छुक है तो 140 दाने की माला का जाप तथा धन प्राप्ति के लिए 62 दानो की माला का जाप करना चाहिए।
  • जाप किये जाने वाली माला को गले में धारण नहीं करना चाहिए क्यूंकि रुद्राक्ष में अत्यधिक तेज़ होता है और उसे सहन करना कठिन हो जाता है।
  • रुद्राक्ष धारण करने के बाद मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • किसी जन्म या मरण वाले स्थान पर रुद्राक्ष को पहनकर नहीं जाना चाहिए ऐसे स्थान पर जाने से रुद्राक्ष में अशुद्धि उत्त्पन हो जाती है तथा उसका तेज़ कम होने लगता है और वो अपना असर कम कर देता है।
  • इस तरह की छोटी-छोटी बातो को ध्यान में रखकर हम रुद्राक्ष से चमत्कारी लाभ उठा सकते है।

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